
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के कोतवाली पटेलनगर पुलिस व एलआईयू की संयुक्त टीम ने पटेलनगर क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन की कार्यवाही के दौरान आइएसबीटी के पास पंजाबी कॉलोनी में किराये पर रह रही महिला के उससे पहचान संबधी दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाई, संदिग्धता के आधार पर हमीदा खान पत्नी अकरम खान को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया, जहाँ उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम हमीदा अख्तर पुत्री मो हसन निवासी ढाका, बांग्लादेश बताया, जिसके फ़ोन से पुलिस को उसकी हमीदा अख्तर के नाम से एक बांग्लादेशी आईडी व एक बांग्लादेशी पासपोर्ट की फ़ोटो भी मिली।
अवैध रूप से भारत मे रहने पर उक्त महिला को हिरासत में लेते हुए उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में हमीदा खान ने बताया गया कि वह व 2017 में असम बॉर्डर से भारत आई थी तथा 2018 में उसने दिल्ली के रहने वाले अकरम से निकाह कर लिया था, वह डेढ़ वर्ष पूर्व अपने पति के साथ देहरादून आ गयी। देहरादून में उसके पति ने चांचक पुल के पास एक बुटीक खोला था, जिसे वह अपने पति के साथ मिलकर चला रही थी।
देहरादून आने के बाद वह अपने पति के साथ अलग-अलग स्थानों पर किराए पर रही। अवैध रूप से हमीदा खान के भारत मे रहने में उसकी सहायता करने वाले व्यक्तियों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।



