
देहरादून | उत्तराखंड का भाजपा प्रदेश कार्यालय में नवनियुक्त सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज का कुछ ऐसा ही अंदाज देखने को मिला | उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तिलक लगाकर और फूल बरसाकर बांसुरी स्वराज का स्वागत किया। इस आत्मीय सम्मान के जवाब में बांसुरी स्वराज ने भी महिलाओं पर फूल बरसाए उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उत्तराखंड की संस्कृति व परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट किया। लेकिन इस दौरान एक और खूबसूरत दृश्य देखने को मिला। जब एक महिला उनके पैर छूने के लिए आगे बढ़ीं तो बांसुरी स्वराज ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। यह छोटा-सा पल आपसी सम्मान, सहजता और संस्कारों की खूबसूरत तस्वीर बन गया।
भारतीय संस्कृति में बड़ों का आशीर्वाद लेना और हर व्यक्ति को सम्मान देना दोनों ही संस्कारों का अहम हिस्सा हैं। देहरादून में स्वागत का यह दृश्य इसी परंपरा की झलक दिखाता नजर आया, जहां राजनीति की औपचारिकता के बीच संस्कृति, सभ्यता और आत्मीयता का रंग भी दिखाई दिया।
इस दौरान बैठक में सह प्रभारी बांसुरी स्वराज ने कहा कि अब वह समय आ गया है कि हमें अपने सरकारों का रिपोर्ट कार्ड लेकर चुनाव में जाना है। जिसके लिए हमें एकजुटता से पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना है। प्रदेश का जनमानस भाजपा को तीसरी बार अपना आशीर्वाद देने के लिए तैयार है। लिहाजा हम सब का भी लक्ष्य होना चाहिए तीसरी बार भाजपा सरकार। देश को धर्म, क्षेत्र और जाति में बांटने के बाद एक और राजनीति आगे बढ़ रही है वह है युवाओं को उम्र में बांटने की। कभी को कॉकरोच पार्टी बनकर लीड करने की कोशिश करता है, कोई आम आदमी बनकर और तो कोई कांग्रेस का ऐसा नेता है जो अगले चार वर्षों में सीनियर सिटीजन बनने वाला है। इन सबके नाम अलग हैं, लेकिन सबकी आत्मा देश विरोधी, सनातन विरोधी भावना से भरी हुई है।



