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कफन घसोटे मुर्दाबाद के लगे नारे। पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त झड़प

फूंका CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला

देहरादून। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेश भर में कांग्रेसियों में जबरदस्त आक्रोश रहा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सैलाब सड़कों पर उतरा, प्रदर्शन किया व ज्ञानेश के इस्तीफे व गिरफ्तारी की मांग का मांगपत्र प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को भेजा गया। अनेक स्थानों पर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी दहन किये।
राजधानी देहरादून में महानगर कांग्रेस के तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित हो कर मुख्य चुनाव आयुक्त की अर्थी के साथ शव यात्रा निकाली तो जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से बाहर आये भारी पुलिस बल अर्थी पर झपट पड़ा और अर्थी को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना व अन्य कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गये। काफी देर की छीना-झपटी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पुतला व अर्थी के कफन को लेकर घंटाघर चौराहे पर पहुंचे व महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महासचिव डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष मदन लाल, प्रदेश सोशल मीडिया अध्यक्ष अभिनव थापर, सुनील जायसवाल, मनीष नागपाल, उर्मिला थापा, सुशीला शर्मा, कोमल वोहरा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला व अर्थी फूंक कर जबरदस्त प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि द इंडियन एक्सप्रेस की वरिष्ठ पत्रकार रितिका चोपड़ा ने जो खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की है उसने वोट चोरी के इस पूरे षड्यंत्र की पोल खोल दी है।
धस्माना ने कहा कि रितिका चोपड़ा के खुलासे के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पिछले 10 महीनों में 14 बार एकतरफा और असंवैधानिक फैसले लिए हैं, जिस पर चुनाव आयोग के ही दो अन्य आयुक्तों श्री सुखबीर सिंह संधू और श्री विवेक जोशी ने लिखित में आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि एस.आई.आर. यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जो सीधे-सीधे वोट चोरी है। यह फैसला भी ज्ञानेश कुमार का एकतरफा फैसला था, जिस पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाये थे।
धस्माना ने कहा कि जब चुनाव आयोग के अंदर ही लोकतंत्र नहीं बचा है, तो देश में लोकतंत्र कैसे सुरक्षित रहेगा। अब तो यह साबित हो गया है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और वोटk चोरी कर भाजपा को जिताने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जो पिछले कई महीनों से वोट चोरी की बात कह रहे थे, आज रितिका चोपड़ा की रिपोर्ट ने उनकी बात पर मुहर लगा दी है। इसलिए अब ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी होनी चाहिए, साथ ही उनके संरक्षक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

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