
देहरादून। राजधानी देहरादून के थाना रायपुर तथा थाना क्लेमेंटाउन पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग अभ्यर्थियों ने सरकार पोर्टल पर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किये जाने तथा जांच के दौरान उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेज फर्जी पाये जाने पर थाना रायपुर व थाना क्लेमेंटाउन पर अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किये गये।
सम्पूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच व गहन परीक्षण के लिए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया।
एसआईटी टीम ने अभियुक्तों के विरूद्ध साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए प्रकरण से जुडे सभी दस्तावेजों को कब्जे मे लिया गया। एसआईटी जांच के दौरान सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में अंकित पते गलत पाये गये, जिस पर एसआईटी ने सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों में जाकर प्रकरण से जुडे सभी दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया।
प्राप्त जानकारी व विवेचना के दौरान प्रकाश में आये साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने संजय कुमार वे गिरीश सिंह को पूछताछ के थाना रायपुर पर लाया गया, जिनसे आवश्यक पूछताछ व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा उन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया। पूर्व में एसआईटी ने इस प्रकरण में संलिप्त 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त संजय कुमार, अभियुक्त गिरीश सिंह का पुराना परिचित था तथा वर्ष 2007 से उसे जानता था। अभियुक्त संजय तथा गिरीश सिंह ने ही तीनों अभियर्थियों कु० स्वाति, कु० परी तथा कु० खुशी के कूटरचित दस्तावेज, आधार कार्ड, डोमिसाइल तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र बनवाकर उनका मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने में सहयोग किया था, जिसके एवज में अभियुक्त संजय कुमार एवं गिरीश सिंह ने अनुचित धनराशि प्राप्त की थी।
पूर्व में रुपेश पंडित पुत्र श्री गोपाल पण्डित, निवासी बिहार, अरविद कुमार पुत्र विजयपाल सिंह निवासी हरिद्वार व धीरज कुमार श्रीवास्तव पुत्र दिवाकर कुमार श्रीवास्तव निवासी मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया गया।



