
देहरादून | उत्तराखंड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखंड वासियों व प्रबुद्ध जनों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। इस अवसर पर प्रवासी बुद्धिजीवियों ने राज्य के विकास के प्रति अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राप्त सुझावों का समावेश राज्य के विकास हेतु तैयार की जाने वाली नीतियों में किया जाएगा। प्रवासी बंधुओ से संवाद के दौरान इस आयोजन में अपनी व्यस्तताओं के बावजूद उपस्थित होने के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। कि उत्तराखण्ड समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण राज्य है, जो हमें विरासत में मिला है। राज्य सरकार ने विकास को गति देने के लिए बजट को बढ़ाकर एक लाख 12 हजार करोड़ रुपये तक किया है। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन की दिशा में अभी विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। सीएम ने राज्य की मजबूत कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए कहा कि दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। दून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के वरिष्ठ प्रबुद्धजन प्रसून जोशी , प्रो. प्रदीप जोशी ,अश्विनी लोहानी , प्रो. हर्ष वी. पंत , सुभाष धुलिया , प्रो. धनंजय जोशी , सुष्मिता रावत , डॉ. सरिता पाठक, कुलानंद जोशी, निर्मल पाठक, हरिसुमन बिष्ट, देव रतूड़ी, डॉ. सुषमा रावत, डॉ. निधि गुसाईं, देवेंद्र गुसाईं, डॉ. के.के. पाण्डेय, विनोद बछेती, डी.एस. रावत, डॉ. सरोज पाण्डेय, शंकर पाण्डेय, प्रो. दिनेश सकलानी, प्रो. पवन कुमार जोशी, वीरेंद्र सिंह नेगी, पवन कुमार मैठानी, हरेंद्र असवाल, संजय जोशी, डॉ. भुवन चंद्र पाण्डेय, विजय जोशी, डॉ. मेघा बिष्ट, लक्ष्मी रावत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोविंद सिंह ने किया।



