
देहरादून। 21 जून को अज्ञात द्वारा ईलैक्ट्रानिक डीवाईस का उपयोग करते हुए उत्तराखण्ड में स्थित सभी पुलिस थानो को बम के धमाके से सम्बन्धित धमकीपूर्ण पोस्ट को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया, जिससे आमजन में भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न हुआ तथा उत्तराखण्ड पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था एवं लोक शांति के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होने की संभावना के दृष्टिगत सोशल मीडिया पर निम्न आईडी https//www-instagram-com/jaspreet-devil (Private/Locked Account) तथा
(https//Û-com/uknewspage/status/20686005665369929581&46) एंव फेसबुक पेज पर India Insder Update की पोस्ट डिलीट Indiainsidernewafb) से पोस्ट प्रचारित करने पर कोतवाली नगर देहरादून में विभिन्न धाराओं समेत आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल फुटप्रिंट, तकनीकी सर्विलांस, साइबर विश्लेषण एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन परीक्षण करते हुए अभियुक्त की पहचान सुनिश्चित करने के लिये जानकारियां एकत्रित की गई। विभिन्न तकनीकी माध्यमों एवं सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर अभियुक्त की लोकेशन चिन्हित करते हुए 28 जून को अभियुक्त जसप्रीत सिंह पुत्र स्व. जोगिन्द्र सिंह भूसा स्टोर के पास वाली गली, कोतवाली नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ विवरण
पूछताछ में जसप्रीत सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व जनपद चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय युवकों एवं निहंग सिखों के मध्य हुए विवाद तथा उसके उपरांत हुई पुलिस कार्रवाई से वह आक्रोशित था। उक्त घटनाओं से संबंधित सोशल मीडिया रील देखने के बाद उसने लोगों में आतंक एवं भय का वातावरण उत्पन्न करने तथा उत्तराखण्ड पुलिस को चुनौती देने के उद्देश्य से अपनी इंस्टाग्राम आईडी “Jaspreet- devil” से टिप्पणी करते हुए 25 जून 2026 को उत्तराखण्ड के सभी थानों में बम विस्फोट करने की धमकी दी थी।
पुलिस ने अभियुक्त जसप्रीत सिंह के कब्जे से धमकीपूर्ण टिप्पणी पोस्ट करने वाले मोबाइल फोन को बरामद किया गया है, उक्त बरामद मोबाइल सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विधिक परीक्षण कराया जा रहा है।
पुलिस की अपील
देहरादून पुलिस आमजन से अपील करती है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक, धमकीपूर्ण अथवा आतंक फैलाने वाली पोस्ट अथवा टिप्पणी करना गंभीर दंडनीय अपराध है। सोशल मीडिया पर की गई प्रत्येक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है तथा उत्तराखण्ड पुलिस की आधुनिक तकनीकी एवं साइबर जांच प्रणाली के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।



