
देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा मे योग्य और पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओ को ही टिकट मे सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा टिकट या किसी भी प्रकार की दावेदारी को लेकर सार्वजनिक मंचों अथवा सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी पार्टी की अनुशासन व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। यदि किसी कार्यकर्ता की कोई इच्छा, दावेदारी या सुझाव है, तो वह उसे संगठन के समक्ष आंतरिक रूप से उचित फोरम और समय पर रख सकता है।
भट्ट ने कहा कि लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में चुनावी महत्त्वाकांक्षा स्वाभाविक है, लेकिन उसके प्रकटीकरण का समय और प्रक्रिया पार्टी में निर्धारित है। जिसका पालन करना सबके लिए अत्यावश्यक है, अन्यथा उससे अलग प्रक्रिया को अनुशासनहीनता के दायरे में माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया में जाने अनजाने पार्टी नेताओं की तरफ से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए दावेदारी की खबरों को लेकर राज्य से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक में बेहद नाराज़गी है। भट्ट ने नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों और सिद्धांतों पर निरंतर गतिमान दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है। इस उपलब्धि के पीछे अहम वजह राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति अंतिम की हमारी सर्वस्य समर्पण की सोच है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीकों से कार्य करने वाले अनुशासित राजनैतिक संगठन है। चूंकि प्रत्येक कार्यकर्ता के अंदर महत्वाकांक्षा होना स्वाभाविक है एवं अपनी बात रखने का उन्हें भी पूरा अधिकार है। लेकिन इस सब के लिए एक निर्धारित मंच और प्रक्रिया पार्टी में निर्धारित है। एक संरक्षक के नाते अपने संदेश और सुझाव में उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से कहा कि विधानसभा टिकट या किसी भी प्रकार की दावेदारी को लेकर सार्वजनिक मंचों अथवा सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी करना पार्टी की अनुशासन व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। यदि किसी कार्यकर्ता की कोई इच्छा, दावेदारी या सुझाव है, तो वह उसे संगठन के समक्ष आंतरिक रूप से उचित फोरम और समय पर रखे।
उन्होंने वहीं स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान करता है और योग्यता एवं समर्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। लिहाजा उचित समय पर केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मेरिट तथा संगठनात्मक प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लेता है।
उन्होंने अपेक्षा करते हुए नसीहत दी कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर संगठन की मर्यादा और अनुशासन को सर्वोच्च रखें। साथ ही चेताया कि पार्टी अनुशासन के विरुद्ध जाने वालों के खिलाफ संगठन कड़ी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। हम सबको आवश्यक रूप से संज्ञान में रखना है कि हमारी प्राथमिकता व्यक्तिगत प्रचार नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करना होना चाहिए, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक विजय सुनिश्चित करना है।



