
देहरादून। उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के सामूहिक प्रयास, प्रभावी नेतृत्व और शिक्षा के प्रति जनभागीदारी का परिणाम बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड ने उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के तहत निर्धारित समय से पहले पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल कर देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने 98 प्रतिशत से अधिक वयस्क साक्षरता दर हासिल की है, जो राष्ट्रीय मानक 95 प्रतिशत से भी अधिक है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से वयस्कों को साक्षरता के साथ डिजिटल शिक्षा, जीवनोपयोगी कौशल और आजीवन सीखने के अवसर मिल रहे हैं। साथ ही राज्य सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत बालवाटिका से कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड को मिली यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उत्तराखंड को ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है।



