उत्तराखंडराजनीति

हरदा के शक्ति प्रदर्शन ने खोली कांग्रेस की अंदरूनी पोल : चौहान

कांग्रेस में हाशिये पर हरीश रावत, अब रोड शो से आलाकमान को चुनौती

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उत्तराखंड लौटने पर आयोजित होने वाले रोड शो और शक्ति प्रदर्शन को लेकर भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि यह शक्ति प्रदर्शन आखिर किसके लिए है। कांग्रेस आलाकमान को अपनी ताकत दिखाने के लिए, प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को संदेश देने के लिए या फिर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करने के लिए।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस में हरीश रावत को जिस तरह लगातार हाशिये पर किया गया, वह किसी से छिपा नहीं है। उनके करीबियों को पार्टी में अपेक्षित राजनीतिक स्थान नहीं दिया गया और कई मौकों पर उनके समर्थकों को भी कांग्रेस संगठन में वह अहमियत नहीं मिली, जिसकी वे अपेक्षा करते रहे हैं। ऐसे में अब उनके समर्थन में होने वाला शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और नेतृत्व की असहजता को ही सामने लाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि यदि हरीश रावत को पार्टी में पूरी अहमियत और सम्मान मिल रहा है, तो फिर उनके द्वारा संगठनात्मक जिम्मेदारियों से हटने की बात क्यों की जा रही है? और यदि पार्टी में उनकी अनदेखी या भूमिका सीमित किए जाने की स्थिति है, तो फिर उनके समर्थकों को जगह-जगह शक्ति प्रदर्शन करके किसे संदेश देना पड़ रहा है?
सवाल सीधा है, क्या हरीश रावत कांग्रेस नेतृत्व को यह बताना चाहते हैं कि उत्तराखंड में आज भी वही कांग्रेस के सबसे बड़े राजनीतिक चेहरा हैं? श्री चौहान ने कहा कि कल का रोड शो कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का एक और अध्याय बनता दिखाई दे रहा है।
भाजपा विधायक ने कहा कि एक तरफ हरीश रावत समर्थकों के साथ अपनी ताकत दिखाने जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके पूर्व PA एवं OSD से जुड़े परिसरों पर ED की कार्रवाई भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी हुई है। ED ने 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की जानकारी दी है। ऐसे में कांग्रेस को शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ इन सवालों पर भी अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए।
चौहान ने कहा कि रोड शो से राजनीतिक सवालों का जवाब नहीं मिलता और भीड़ जुटाने से कांग्रेस के भीतर की खींचतान खत्म नहीं होती। यदि यह शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस आलाकमान को संदेश देने के लिए है, तो कांग्रेस को बताना चाहिए कि आखिर ऐसा संदेश देने की जरूरत क्यों पड़ी। और यदि यह केवल स्वागत कार्यक्रम है, तो फिर इसे शक्ति प्रदर्शन का रूप देने की आवश्यकता क्या है?
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति नहीं, बल्कि उसके नेताओं से स्पष्टता चाहती है। कांग्रेस पहले यह तय करे कि हरीश रावत उसके लिए मार्गदर्शक हैं, सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा हैं या फिर पार्टी नेतृत्व द्वारा हाशिये पर कर दिए गए नेता – कल का शक्ति प्रदर्शन इसी सवाल का जवाब भी देगा।

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