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देहरादून : उत्तराखंड मौसम अपडेट। आठ जनपदों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट

फ्लैश फ्लड के अलर्ट को लेकर सरकार के साथ आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन भी मुस्तैद है

देहरादून। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के आठ जनपदों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है, किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

मौसम के अनुसार उत्तराखंड के जिलों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
येलो अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने चेताया कि उत्तराखंड के पौड़ी, देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान और तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड के हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है।

बात करें राजधानी देहरादून की तो आसमान में आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में यह बारिश तेज़ या भारी भी हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

फ्लैश फ्लड के अलर्ट को लेकर सरकार के साथ आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन भी मुस्तैद है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग उत्तराखंड के आठ जनपदों देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। इन जनपदों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के कारण जलभराव तथा फ्लैश फ्लड की आशंका व्यक्त की गई है।

इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जनपद स्तर पर राहत व बचाव दलों को पूर्ण रूप से तैयार रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखने, मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें तत्काल खोलने तथा पुलिस, SDRF, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, BRO सहित सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक निर्णय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लिए जाएं। पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, नदी-नालों के समीप जाने से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र अथवा टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें।

इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

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