
देहरादून। कांग्रेस पार्टी द्वारा उत्तराखंड में 28 जून से शुरू किए जा रहे ‘परिवर्तन संकल्प अभियान’ (परिवर्तन सम्मेलन) को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने बयान जारी करते हुए बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, जैसे कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को जनता के बीच जाकर बेनकाब करना है इस देशव्यापी और राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत कांग्रेस के शीर्ष नेता उत्तराखंड के पर्वतीय और तराई क्षेत्रों में जाकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर कर रहे हैं।
अभियान का मुख्य नारा ‘परिवर्तन ही संकल्प है, कांग्रेस ही विकल्प है’ तय किया गया है।इस अभियान के जरिए कांग्रेस पार्टी राज्य में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, बड़े पैमाने पर पलायन, भू-कानून, मूल निवास, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों (जैसे अंकिता भंडारी प्रकरण) को लेकर सीधे जनता के बीच जा रही है।
पार्टी ने पहले चरण में पहाड़ की 10 सीटों और जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए पूरे अभियान को चार अलग-अलग क्षेत्रों (जोन) में बांटा है, जिसकी कमान चार वरिष्ठ दिग्गजों को सौंपी गई है।जोन 1 (सीमांत कुमाऊं) इस क्षेत्र की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल संभाल रहे हैं। 28 जून से शुरू होकर 2 जुलाई तक चलने वाले इस चरण में चंपावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, धारचूला, बागेश्वर और कपकोट जैसे विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जा रहा है।जोन 2 (गढ़वाल मंडल) चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत को इसकी जिम्मेदारी मिली है। उनका दौरा 1 जुलाई से 10…जुलाई तक चलेगा, जिसमें रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, लैंसडाउन, और कर्णप्रयाग जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं।जोन 3 (उत्तरकाशी-टिहरी) चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में यह चरण 29 जून से 8 जुलाई तक चलेगा। इसमें पुरोला, यमुनोत्री, गंगोत्री और देवप्रयाग जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में चारधाम यात्रा की अव्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी।जोन 4 (अल्मोड़ा-नैनीताल) पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा कुमाऊं के इन रणनीतिक रूप से अहम जिलों में संगठनात्मक बैठकें और जनसंवाद कर रहे हैं।



