
देहरादून। पैसे की कमी से जूझ रही नीलम ने चंद पैसों के लिए अपनी नाबालिक बेटी को महज दो लाख रूपये में बेच दिया। पूरे पैसे न मिलने पर नीलम ने नाबालिक बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गड़ी, लेकिन पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया तो नीलम ही पूरे प्रकरण की सूत्रधार निकली
यह कोई फिल्मी या नोवल की कहानी नहीं है। उत्तराखंड के देहरादून में रहने वाली नीलम ने अपनी नाबालिक बेटी को दो लाख रूपये में बेच दिया। 05 जुलाई को नीलम देवी निवासी नागल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून ने अपनी नाबालिक पुत्री का अपहरण होने के बारे में लिखित शिकायत थाना राजपुर में दर्ज कराइ।
पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ मैनुवल पुलिसिंग से अपहृत नााबालिग के बारे में जानकारी मिली कि अपहृत नाबालिग के मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में है। जिस पर तुरंत एक टीम को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। जहां पुलिस टीम ने गोपनीय रूप से जानकारियां प्राप्त करते हुए नाबालिग युवती के अपहरण में शामिल मनीष पुत्र राजकुमार व लवी कुमार पुत्र बिल्लू को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद किया गया।
अभियुक्तों ने पूछताछ पर अभियुक्त लवी कुमार ने पिंकी मलिक के जरिए नाबालिग को उसकी माता नीलम देवी से डेढ लाख रूपये में खरीदा था। जिसे उसने 02 लाख रूपये में मनीष को बेचा था, जिसने विवाह के लिए नाबालिक को खरीदा था। अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर सामने आए अभियुक्तों की गिरफ्तारी के ल;लिए पुलिस ने घटना में शामिल पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर व नीलम देवी को सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में नाबालिक मां नीलम देवी ने बताया गया कि पिंकी मलिक से उसकी मुलाकात कुछ पहले देहरादून में एक समारोह के दौरान हुई थी तथा आपसी बातचीत के दौरान पिंकी मलिक ने उसे एक युवती की आवश्यकता होने तथा उसके एवज में अच्छा पैसा देने की पेशकश की गई थी, जिस पर नीलम ने उसे अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात बताते हुए अपनी नाबालिग पुत्री उम्र 15 वर्ष को उसे देने तथा उसके एवज में डेढ लाख रूपये की मांग की गई थी।
सौदा तय होने पर पिंकी मलिक ने युवती को अपनी पहचान के एक व्यक्ति लवि कुमारको तथा लवि कुमार ने उसे आगे मनीष को 02 लाख रूपये में बेच दिया। मिली रकम में से 80 हजार रूपये नीलम देवी को देते हुए शेष पैसा कुछ समय बाद देने की बात कही गई। तय समय के बाद भी सौदे की पूरी रकम न मिलने व नाबालिग को बेचने के अपराध में पकडे जाने के डर से अभियुक्ता नीलम देवी ने अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी गढते हुए पुलिस में एक झूठी रिर्पोट दी गई। लेकिन पुलिस ने पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर घटना से जुडी हर कडी को जोडते हुए नाबालिग की खरीद-फरोख्त का खुलासा कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।



