
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों से संवाद किया। टिहरी, देहरादून, उत्तरकाशी, चकराता और कालसी समेत कई क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं और जरूरतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे।
सीएम धामी ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को आगे बढ़ाना जरूरी है। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी वर्ग या क्षेत्र के लोग विकास से पीछे न रहें।
मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ जनता की भागीदारी भी जरूरी है, तभी राज्य का विकास तेजी से हो सकेगा।
कार्यक्रम में लोगों ने स्थानीय विकास, रोजगार, शिक्षा, पेयजल और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों पर संवेदनशीलता और तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
इस दौरान विधायक सरिता आर्या, विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप समेत अन्य अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से आए समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



