
देहरादून। राजधानी देहरादून में, भारतीय दलित साहित्य अकादमी के उत्तराखंड शाखा ने डॉक्टर सोहन पाल सुमनाक्षर जो अकादमी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, उनका 87वाँ जन्मदिन मनाया। प्रदेश के सभी जिलों से आए हुए बुद्धिजीवी वर्ग समाजसेवी और साहित्यिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया अपने विचार रखते हुए सभी लोगों ने डॉक्टर सुमनाक्षर को उनके स्वस्थ प्रसन्न और दीर्घ जीवन की कामना की ।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड दलित साहित्य अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह ने अकादमी के द्वारा साहित्य सृजन में किया जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने आवाहन किया और आग्रह किया कि इसमें बहुजन समाज के इतिहास को आगे बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में लेखक बुद्धिजीवी साहित्यकार जुड़े।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि देवेंद्र सिंह ने विचार रखते हुए अकादमी के 42 साल के सफर में किए गए कार्यों की सराहना की। वर्तमान में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवेश के बदलते हुए क्रम में इस समाज के लोगों को कैसे मार्गदर्शन किया जाए, इस पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कोटद्वार से सुरेंद्र लाल आर्य दिलीप चंद आर्य, रघुनाथ लाल आर्य कुमारी विमला, चंदन सिंह, पूर्व जिला न्यायाधीश चिरंजी लाल, अकादमी के महामंत्री चंद्रपाल सिंह, चंदन सिंह, विकास चौहान प्रीतम सिंह कुलवंशी, सुरेंद्र कुमार कर्णवाल, चंद्र किरण वर्मा, आदि ने विचार रखे।
समारोह में आए सभी सम्मानित महानुभावों ने संयुक्त रूप से सुमनाक्षर जी के जन्म दिवस पर संयुक्त रूप से केक काटकर जन्मदिवस मनाया और उनको अपनी हार्दिक शुभकामनाएं ज्ञापित की। उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की।



