
देहरादून। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा एसएसपी कार्यालय में किए गए व्यवहार और कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे पद की गरिमा के विपरीत, अमर्यादित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
खजान दास ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद करते समय मर्यादा और गरिमा का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेदार है। उनके अनुसार, कांग्रेस के नेता अपने राजनीतिक नेतृत्व के सामने खुद को अधिक प्रभावशाली दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यशपाल आर्य लंबे समय से अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते रहे हैं, इसलिए एसएसपी कार्यालय में उनका कथित उग्र व्यवहार और भाषा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक राजनीति का परिणाम बताया।
खजान दास ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और जनप्रतिनिधियों को भी अपने विरोध या शिकायत को लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से राजनीतिक दल की छवि पर भी असर पड़ता है। उन्होंने पूरी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य बताते हुए जनप्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।



