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देहरादून : दुन चिकित्सालय की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार : आप

देहरादून। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने आज राजधानी देहरादून के सबसे बड़े दुन चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों को मिल रही बदहाल सुविधाओं को देखकर आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा ने प्रदेश की धामी सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने वार्ड, OPD, इमरजेंसी और शौचालयों का निरीक्षण किया। और देखा की,पर्याप्त मात्रा में बेड  ना होने से वार्डों में फर्श पर मरीज लेटे हुए पाए गए तथा गर्भवती महिलाओं व गम्भीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को स्ट्रेचर और ट्रॉली  ना होने के कारण घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है तथा वहां पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है ।
दवाओं की कमी होने पर डॉक्टर पर्ची पर महंगी दवाएं बाहर से लाने को मजबूर कर रहे हैं। जिस कारण मरीज इलाज बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
स्टाफ की कमी के कारण नर्स और डॉक्टर मरीजों के अनुपात में बेहद कम हैं। इमरजेंसी में एक डॉक्टर पर 50 से ज्यादा मरीज मिले। सफाई व्यवस्था  के नाम पर शौचालयों में गंदगी, बदबू और पानी की कमी। संक्रमण का खतरा साफ दिख रहा है।
दौरे के बाद मीडिया से बात करते हुए आप अध्यक्षा ने कहा कि भाजपा सरकार “डबल इंजन” का ढोल तो पीट रही है, लेकिन राजधानी का सबसे बड़े अस्पताल ही बीमार चल रहे है। आपको ज्ञात होगा की दो दिन पूर्व ही आप के एक प्रतिनिधि मंडल ने कोरोनेशन अस्पताल का दौरा किया था जहां लगभग स्थितियां ऐसी ही पाई गई थी। करोड़ों के बजट के बावजूद मात्र एक MRI मशीन ही सरकार उपलब्ध करवा पाई है जिस पर लगभग 250 से 300 मरीजों का बोझ है।
वही आर्थोपेटिक के मरीजों में लगभग 90 प्रतिशत मरीज सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे हैं।
वहीं अगर अस्पताल में कोई अग्नि कांड जैसी अप्रिय घटना हो जाए जैसा कि पूर्व में एक नजी अस्पताल में हो चुकी है तो स्वास्थ विभाग द्वारा जो उपकरण लगाए गए हैं वह भी अपनी उमर पूरी कर चुके हैं।
मरीजों को यदि बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही है तो यह सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
पार्टी अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा की सरकार तुरंत अतिरिक्त बेड, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती करे।
सभी जरूरी दवाएं अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं। बाहर से दवा लिखने की प्रथा बंद हो। अस्पताल की सफाई और रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। और सरकार यह सुनिश्चित करे की यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करते हुए पाया गया तो दोषियों पर तुरन्त  कड़ी कार्रवाई हो तथा हर महीने स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक करें।
आम आदमी पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही  स्थिति को नही सुधारा गया। तो पार्टी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होगी।
जनता को अच्छे से अच्छा स्वास्थ लाभ मिले सरकार को इसे सुनिश्चित करना ही होगा।
आप प्रतिनिधि मण्डल में कार्यकारी अध्यक्षा के साथ  श्याम बाबू पाण्डेय, डी एस कौटिल्य, शरद जैन,  शैलेश तिवारी, आकेश भट्ट राजपूत, वी एन शर्मा, वी के बजाज, राजीव तोमर, कविता, गीता, शुभम व नासिर खान आदि शामिल थे।

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