
देहरादून। कांग्रेस की ओर से भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की टाइमिंग पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबी रहे चंदन सिंह जीना के यहां ईडी की कार्रवाई में नकदी, सोना और विदेशी मुद्रा मिलने के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बरामद रकम कांग्रेस के पार्टी फंड के लिए चंदे की थी, तो कांग्रेस को बताना चाहिए कि यह पैसा किसने और कितना दिया था।
उन्होंने हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनके कार्यकाल में ही नियुक्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे, तो उन्होंने उसी समय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया। चमोली ने कहा कि करीब नौ साल बाद कार्रवाई होने पर इस्तीफे की बात करना सवाल खड़े करता है।
भाजपा नेता ने कर्नाटक के कांग्रेस नेता से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार का एक ही पैटर्न देखने को मिलता है। हालांकि सभी आरोप भाजपा नेता ने कांग्रेस पर लगाए हैं।
पेपर लीक और नकल के मामलों पर चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून बनाया और कई आरोपियों को जेल भेजा। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद करीब 37 हजार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से की गई हैं।
चमोली ने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई चुनाव देखकर नहीं रोकी जा सकती। देश में लगातार चुनाव होते रहते हैं, इसलिए चुनाव के नाम पर कार्रवाई रोकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव अपनी जगह हैं और अपराधियों पर कार्रवाई अपनी जगह होनी चाहिए।



