
देहरादून | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई संबंधित विभागों को समयबद्ध व ठोस कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है और सभी ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित स्थलों का विस्तृत सर्वे कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
स्थानों के सुधार के लिए तत्काल डीपीआर तैयार कर सड़क सुधारीकरण कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ ही सभी संवेदनशील स्थलों का सर्वे कर प्रकाश व्यवस्था की कमी, बाधक बने बिजली के पोल, ट्रांसफॉर्मर अथवा अन्य संरचनाओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने बरसात के कारण सड़कों पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने तथा बरसात के बाद सड़कों का रिपेयर वर्क तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मोड़ व चौराहों पर सड़क चौड़ीकरण, रम्बल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा। साथ ही सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद कराने के आदेश दिए। चकराता और कालसी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, वाहनों की खराब फिटनेस, नियमित मेंटेनेंस का अभाव तथा ड्रंक एंड ड्राइव सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण रहते हैं।
परिवहन विभाग को इन मामलों में विशेष अभियान चलाकर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुर्घटना स्थलों का निरीक्षण कर कारणों का तकनीकी विश्लेषण करे तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। सड़क सुरक्षा के लिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि नागरिक स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।
सभी स्कूल बसों व अन्य विद्यालयी वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ड्रंक एंड ड्राइव, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने तथा सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा।
सड़कों के किनारे व प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और चेतावनी संकेतों को दुरुस्त करने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे, डिवाइडर, येलो लाइन, स्पीड डिस्प्ले बोर्ड तथा टोल बैरियर से पूर्व स्पीड ब्रेकर सहित सभी सड़क सुरक्षा मानकों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि निर्देशों के अनुपालन की नियमित निगरानी हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जितेन्द्र चौधरी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ओम पाल सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एएई-पीआईयू विशाल, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग सुरेश तोमर, अधिशासी अभियंता नगर निगम रजित कोठियाल, प्रबंधक एनएचएआई सालू चौहान, ईओ रजनीश, एआरटीओ रश्मि पंत, अनिल सिंह, रत्नाकर सिंह सहित वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



