
देहरादून। भाजपा ने नकल एवं पेपर लीक को लेकर पीएम के आश्वासन और भारत सरकार के कठोरतम कानूनी प्रावधानों का स्वागत किया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने पीएम मोदी के इन निर्णयों को युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा और देश के उज्ज्वल भारत की गारंटी बताया है। वहीं उन्होंने परीक्षा प्रणाली को फूलप्रूफ बनाने के लिए, संसद की सकारात्मक चर्चा में विपक्ष से सहयोग का आग्रह किया है।
भट्ट ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद समाधान और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। जिसको लेकर देश की जनता में इस कदर विश्वास रहता है कि वो उनकी गारंटी बन जाता है। लगातार कई दिनों से नीट परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विभिन्न स्तर पर शंकाएं और अविश्वास जताया जा रहा था। प्रधानमंत्री मोदी के कल दिए आश्वासन और आज भारत सरकार द्वारा कड़े नकल कानून बनाने के फैसले सभी संशय के बादलों को छांटने वाले हैं।
अब तक भी गड़बड़ी की सूचना मिलने पर परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुनः परीक्षा संपन्न कराने तक प्रत्येक निर्णय को लेकर कोई सरकार की मंशा पर उंगली नहीं उठा सकता है। बावजूद उसके कुछ सामाजिक संगठनों एवं विपक्षी पार्टियों द्वारा लगातार नीट एवं अन्य परीक्षाओं में नकल को लेकर झूठ और अफवाह फैलाई जा रही थी।
लिहाजा मोदी सरकार द्वारा नकल एवं पेपर लीक को लेकर कैबिनेट में लिए गए कठोर निर्णय, ऐसी सभी आशंकाओं, अफवाहों को दूर करने से आगे, पूर्णतया फुलप्रूफ, पारदर्शी एवं ईमानदार परीक्षा व्यवस्था की दिशा में हैं।
उन्होंने कहा, पार्टी कार्यकर्ता एवं प्रदेश की जनता केंद्र सरकार द्वारा नकल एवं पेपर लीक को लेकर किए संवाद, समाधान और कड़े फैसलों की खुलकर स्वागत करती है।
उन्होंने इस कठोरतम निर्णय के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सरकारों का रुख पूरी तरह सख्त, निर्णायक और युवाओं के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का रहा है। ये कैबिनेट फैसले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का ही हिस्सा है।
उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह करते हुए कहा कि पेपर लीक और नकल के मामलों में अत्यधिक कठोर सजा, भारी जुर्माने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के प्रावधान वाले नए व संशोधित विधेयक के आने के बाद इस विवाद पर विराम लगना चाहिए।
इससे पहले मोदी सरकार ने ही देश में ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024’ लाकर एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया और अब इसे और अधिक कठोर बनाया जा रहा है। लिहाज इस संवेदनशील मुद्दे पर अब गैरजिम्मेदार राजनीति नहीं होनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह फूल-प्रूफ बनाने की संवैधानिक प्रक्रिया में सभी को सहयोग करना चाहिए।



