
देहरादून। उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं खेल मंत्री रेखा आर्य ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए देहरादून के थाना कैन्ट FIR दर्ज कराई की उन्हें अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ़ पप्पू गिरधारी से जान का खतरा है। FIR दर्ज करने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद देहरादून के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें भर्ती किया गया। ईसीजी में मामूली दिक्कत मिली है, हृदय रोग विशेषज्ञ निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल हालत स्थिर है।
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FIR में उन्होंने गिरधारी लाल पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल पर मारपीट करने के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर गालीगलोच करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा की बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति रिवाज से संपन्न हुआ था । गिरधारी लाल अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है तथा जिसे पहले से पता था, लेकिन वह खुद अनुसूचित जाति की सदस्य है।
गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही मुझे धोखे में रखा कि वह अविवाहित है, विवाह के बाद उन्हें सच्चाई पता चला कि वह पहले से विवाहित है और उनके पहले विवाह से बच्चे भी हैं, परन्तु तब तक प्रार्थिनी के बच्चे हो चुके थे और घर वालों के समझाने पर और बच्चों के भविष्य को देखते हुए वह चुप रही। पिछले कुछ समय से गिरधारी लाल साहू का व्यवहार बदलने लगा, जिसमें उन्हें पता चला कि कि गिरधारी लाल साहू के अन्य महिलाओं से भी अवैध संबंध है । इस बारे में जब उन्होंने आपत्ति की तो शुरुआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा। इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू ने उनके साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। कई बार उनके सरकारी आवास में स्टॉफ के सामने भी अपमानजनक रूप से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया ।
साथ ही रेखा आर्य ने दो ऑडियो का हवाला दिया है जिसमें पति किसी महिला से उनकी हत्या की साजिश रच रहा है
इस कांग्रेस ने भी प्रतिकिर्या देते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य का वीडियो सामने आना बेहद गंभीर विषय है। यदि प्रदेश की एक मंत्री स्वयं अपने पति से जान का खतरा होने की बात कह रही हैं और ऑडियो जारी कर रही हैं, और उसके खिलाफ तहरीर दे रही है तो यह निश्चित ही सरकार के लिए डूब मरने जैसा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताना चाहिए कि उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है।



