
देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि लोकतंत्र में जीत की चाबी जनता जनार्दन के हाथों में होती है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को अकारण बदनाम करने से कांग्रेस को कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, जिस तरह की उदंडता कांग्रेसी राजपरिवार और हुड़दंग उनके कार्यकर्ता कर रहे हैं, उसके लिए जनता उन्हें कभी माफ नहीं करने वाली है और शुरुआत देवभूमि के चुनावों से होगी।
उन्होंने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और देश के अन्य स्थानों पर राहुल गांधी तथा प्रियंका वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस जिस प्रकार की अराजकता फैला रही है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेसी राजपरिवार केवल सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने के लिए खुद बदतमीजी पर उतर आया है और अपने कार्यकर्ताओं को सड़कों पर हुड़दंग करने के लिए उकसा रहा है। राजनीतिक अस्तित्व बचाने की बेताबी में किया जा रहा यह आचरण देश और लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
भाजपा ने सवाल उठाया कि विपक्ष जिस ‘वोट चोरी’ के झूठे नैरेटिव को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, उसकी हवा एसआईआर के आंकड़ों ने पूरी तरह निकाल दी है। जनता भी इस दोहरे रवैये को देख रही है। 2014 के बाद से लगातार चुनाव हार रही कांग्रेसी मंडली फर्जी मतदाता सूची को अपनी हार का कारण बताती थी और सूची को दुरुस्त करने की मांग करती थी। संविधान के तहत मतदाता सूची को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने का एकमात्र तरीका एसआईआर ही है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि देश में पहले भी 20 बार एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ये सभी प्रक्रियाएं कांग्रेस व अन्य विपक्षी सरकारों के कार्यकाल में ही संपन्न हुई थीं। उस दौर में भारतीय जनता पार्टी कई चुनाव हारी, लेकिन हमने कभी भी संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल नहीं उठाए और न ही किसी संस्था को बदनाम करने का प्रयास किया। लेकिन आज कांग्रेस अपनी बदनीयत और कर्मों के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है और अपनी हार का कसूरवार चुनाव आयोग को ठहरा रही है। वहीं हैरानी जताते हुए कहा कि 2014 का आम चुनाव भाजपा ने कांग्रेस सरकार द्वारा नियुक्त चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में ही जीता था। उसके बाद भी कांग्रेस के समय नियुक्त आयुक्तों के कार्यकाल में भाजपा कई राज्यों में चुनाव हारी, पर भाजपा ने कभी संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाने का पाप नहीं किया।
उन्होंने कांग्रेस से सीधा सवाल पूछा कि यदि किसी नागरिक का वोट चोरी हुआ है या काटा गया है, तो कांग्रेस उन मतदाताओं को सामने क्यों नहीं लाती? प्रदेश में लाखों वोट काटे जाने का मनगढ़ंत आरोप लगाने वाली कांग्रेस कम से कम 1,000 प्रभावित मतदाताओं को ही मीडिया के सामने पेश कर दे।
सच्चाई यह है कि कांग्रेस स्वयं जानती है कि वह एसआईआर और वोट चोरी के नाम पर केवल झूठ और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस की हालत “नाच न जाने आँगन टेढ़ा” वाली हो चुकी है।
भाजपा ने कहा कि देश और उत्तराखण्ड की जागरूक जनता सच को भली-भांति समझ रही है। जनता “कौवा कान ले गया” जैसी अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय पहले अपना कान चेक करना जानती है। जब आम नागरिकों ने एसआईआर में अपना वोट सुरक्षित पाया, तो उन्हें समझ आ गया कि कोई वोट चोरी नहीं हुआ है। यही कारण है कि देश की जनता ने कांग्रेस के इस झूठे अभियान को खारिज कर दिया है और कांग्रेस पूरी तरह अलग-थलग पड़ गई है। जनता का समर्थन न मिलने से बौखलाई कांग्रेस का पूरा ध्यान अब केवल किसी भी तरह हंगामा करके मीडिया का ध्यान खींचने पर टिका है।



