उत्तराखंड

अंकिता हत्याकांड: मृतका के माता पिता से बातचीत के बात होगी आगे की कार्रवाई: धामी

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित ऑडियो और वीआईपी नामों के दावों पर आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ऑडियो की सत्यता की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आरोप लगाकर और अपुष्ट ऑडियो वायरल कर माहौल खराब करना उचित नहीं है। अगर किसी के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें पुलिस या अदालत के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो में कहीं हत्या तो कहीं आत्महत्या जैसी बातें कही जा रही हैं, जिससे साफ है कि जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
सीएम धामी ने कांग्रेस द्वारा दिल्ली में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस और ऑडियो जारी करने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य का माहौल जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है, ठीक उसी तरह जैसे पहले पेपर लीक मामले में बिना जांच के एक नाम उछाल दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जो भी दोषी होगा, वह बचेगा नहीं। सरकार किसी भी स्तर की जांच से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वयं अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करेंगे और पीड़ित परिवार जो भी कानूनी कार्रवाई चाहता है, उसे पूरी तरह कानून के दायरे में आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री यह बयान केंद्र सरकार की वीबी जी राम जी योजना को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में दे रहे थे, लेकिन सवालों के चलते पूरा फोकस अंकिता भंडारी मामले पर आ गया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस प्रकरण से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
उधर, मामले में सियासत और तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तहरीर में सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो जारी कर छवि खराब करने और दंगे भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। साथ ही कांग्रेस, यूकेडी और आम आदमी पार्टी पर भी साजिश का आरोप लगाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर प्रदेश में राजनीतिक घमासान और विरोध प्रदर्शनों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीआईपी नामों के दावों ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। भाजपा के दिग्गज नेताओं के बाद अब मुख्यमंत्री के बयान से मामला और गरमा गया है, जबकि सरकार लगातार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रही है।

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