
देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, बदहाल सड़कें, ध्वस्त शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिला अपराध, पलायन, भर्ती घोटालों, चंदा चोरी, वोट चोरी, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय तथा जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर गैरसैंण में विधानसभा घेराव किया।
पुलिस प्रशासन द्वारा भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा से लगभग 30 किलोमीटर दूर विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करण माहरा, प्रदेश सहप्रभारी मनोज यादव, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला, मुकेश नेगी, हरिकृष्ण भट्ट सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पुलिस की बाधाओं के बीच दिवालीखाल पहुंचे, जहां पुलिस प्रशासन के साथ तीखी झड़प हुई।इस दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल सहित नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया।
उधर विधानसभा सत्र के दौरान भी विपक्षी दल के सभी विधायकों ने आउट कर धामी सरकार की कार्यप्रणाली पर और प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नारेबाजी कर सरकार को घेरा।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड की जनता अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। सड़कों की बदहाली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप, महिला सुरक्षा और जंगली जानवरों के आतंक जैसे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर उठाती रहेगी।
गोदियाल ने विधानसभा सत्र की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री के विभागों से संबंधित प्रश्नों पर चर्चा की संभावना रहती है, लेकिन सत्र की कार्यसूची और अवधि ऐसी होनी चाहिए कि मुख्यमंत्री सहित सभी विभागों को जनहित के सवालों का जवाब देना पड़े। उन्होंने सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े प्रश्नों के लिए पर्याप्त अवसर ही नहीं मिलेगा, तो विपक्ष जनता की समस्याओं के जवाब किससे मांगेगा?
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार पर जनता से किए गए वादों को पूरा करने, प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, सामाजिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल हैं। गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और राज्य आंदोलन के सपनों का प्रतीक है। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान जनता के वास्तविक मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के सवालों को मजबूती से उठाती रहेगी तथा अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय सहित प्रदेश के सभी ज्वलंत मुद्दों पर जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।



