
देहरादून। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में दोनों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और मानवता के विचारों को याद किया और शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण को प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार आज भी शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता के लिए प्रासंगिक हैं।
वहीं लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे और उन्होंने 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। स्वतंत्रता आंदोलन में भी उन्होंने हिस्सा लिया और कई बार जेल गए। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में देश ने कई चुनौतियों का सामना किया। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देश के सैनिकों और किसानों के सम्मान से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दोनों महान व्यक्तित्वों का जीवन देश और समाज की सेवा के लिए प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। सचिवालय के अन्य अधिकारियों ने भी दोनों महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान भारतखंडे संगीत महाविद्यालय की ओर से गांधी जी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन’ का सामूहिक गायन किया गया। वहीं दूसरी ओर विधानसभा में प्रमुख सचिव, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग सहदेव सिंह ने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रभारी सचिव विधानसभा हेम चंद्र पंत और अन्य अधिकारियों ने भी दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी।



