
देहरादून। गौ, गंगा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित गौ-गंगा कृपाकांक्षी पूज्य गोपाल मणि जी महाराज ने गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ उत्तरकाशी स्थित दिव्य चौपड़धाम में एक वर्ष एवं एकादश दिवसीय अखंड साधना यज्ञ-अनुष्ठान सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरांत देहरादून आगमन पर भारतीय गौ क्रांति मंच द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर मीनाक्षी वेडिंग पॉइंट, रिस्पना पुल, देहरादून में आयोजित समारोह में भारतीय गौ क्रांति मंच के अध्यक्ष बलबीर सिंह पंवार व उनके परिवार ने विधिवत गुरुपूजन कर पूज्य महाराज का अभिनंदन किया गया। उपस्थित गौभक्तों, संतजनों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाओं तथा जयघोष के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया।
अपने आशीर्वचन में पूज्य गोपाल मणि जी महाराज ने कहा कि गौमाता श्रद्धा और आस्था का विषय तो हैं ही, साथ ही भारत की सनातन संस्कृति, ग्राम्य जीवन, कृषि व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, लोककल्याण तथा भारतीय सभ्यता की आधारशिला भी हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहे तप, यज्ञ, जनजागरण एवं जनसंपर्क अभियानों का ही परिणाम है कि आज “गौमाता राष्ट्रमाता बने” की मांग पूरे देश में एक व्यापक जनभावना और जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुकी है।
पूज्य महाराज ने दृढ़तापूर्वक कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी पहचान उसका गोत्र है और गोत्र की संपूर्ण परंपरा गौरक्षा तथा गौ-संस्कृति से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। जब हिंदू समाज की पहचान ही गोत्र से है और गोत्र का आधार गौ है, तब सरकारों का यह संवैधानिक एवं नैतिक दायित्व बनता है कि वे करोड़ों हिंदुओं की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा प्रदान करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभावना एवं राष्ट्रहित को दृष्टिगत रखते हुए यह मांग शीघ्र ही साकार होगी।
भारतीय गौ क्रांति मंच ने इस अवसर पर कहा कि पूज्य गोपाल मणि जी महाराज विगत अनेक वर्षों से गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक सम्मान दिलाने के लिए निरंतर तप, त्याग, जनजागरण एवं संघर्ष कर रहे हैं। उनके अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देश के विभिन्न राज्यों, संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों एवं लाखों गौभक्तों द्वारा इस मांग को व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है। मंच ने उनके इस ऐतिहासिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा की कामना की।
कार्यक्रम का समापन गौमाता, गंगा, राष्ट्र एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के सामूहिक संकल्प तथा पूज्य गोपाल मणि जी महाराज के मंगलमय आशीर्वचनों के साथ हुआ।
इस अवसर पर जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण डॉ जनानंद नौटियाल AI विशेषज्ञ सच्चिदानंद सेमवाल शूरबीर सिंह मतुरा अनुसूया प्रसाद उनियाल नरेंद्र रउथान कलिका प्रसाद सेमवाल अजयपाल सिंह रावत यशवंत सिंह रावत आनंद सिंह रावत तेजराम नौटियाल सूरत राम डंगवाल आचार्य राकेश सेमवाल उषा पंवार सरला मैथानी वसुमति पंवार डॉ राकेश नौटियाल डॉ सीता जुयाल भारती सेमवाल साक्षी पोखरियाल गीता बागड़ी तुलसी राम बडोनी त्रिलोक सिंह रावत मंजू नेगी भुवनेश्वरि नेगी भुवनेशरी जोशी बृजलाल रतूड़ी आदि सैकड़ों जन उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राम भूषण बिजलवाण ने किया। दीप्ति रावत भारद्वाज प्रदेश महामंत्री भाजपा भी कार्यक्रम में उपस्थित रही।



