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गणतंत्र को बचाना है तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठना चाहिए : लल्लू

अगर सवाल उठ रहे हैं तो मतलब गणतंत्र खतरे में है

देहरादून। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अजय कुमार लल्लू ने आज देहरादून में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ का पर्दाफाश किया।
पत्रकार वार्ता में अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदाताओं के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया। उन्होंने इन राज्यों में आधिकारिक डेटा और हालिया गड़बड़ियों का हवाला देते हुए निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे:
महा-घोटाले का डेटा और प्रक्रिया पर भी सवालिया निशान है,उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव सुधार (SIR) प्रक्रिया की आड़ में एक ही एपिक (EPIC) नंबर और सीरियल नंबर पर मूल मतदाताओं के नाम हटाकर दूसरे फर्जी नाम जोड़ने का चौंकाने वाला खेल खेला गया है।
उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर नाम काटना षड्यंत्र को उजागर करता यूपी में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए। अकेले पीलीभीत सदर विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां 16,554 मतों के साथ हेरफेर की गई, जिसमें 13,150 प्रविष्टियों में EPIC नंबर वही रखते हुए नाम बदल दिए गए, 884 वैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए और 2,600 बाहरी लोगों को जोड़ दिया गया।
उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में धांधली सामने आई है उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में भी इसी तकनीकी हेरफेर का इस्तेमाल कर लाखों विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं। बंगाल में लाखों की संख्या में नाम काटे जाने और संदिग्ध प्रविष्टियां बढ़ाने को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।

अंत में अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव आयोग और सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं:
1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: मतदाता सूची में हुए इस ऐतिहासिक महा-घोटाले और निष्पक्षता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहने के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
2. बैलेट पेपर से चुनाव: देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए आगामी सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय पूरी तरह से पारंपरिक बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराए जाएं।
3. एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करना: चुनाव सुधार (SIR) के नाम पर चलाई जा रही इस विवादित प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, जिसके तहत मतदाताओं के नाम काटने और एक ही EPIC नंबर पर फर्जी नाम जोड़ने की धांधली हो रही है।
श्री लल्लू ने कहा कि आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले विशाल ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च और रैली में इन सभी तकनीकी गड़बड़ियों और वोट चोरी के खिलाफ देशव्यापी शंखनाद किया जाएगा। इस ऐतिहासिक मार्च में देश भर के लाखों लोगों के साथ अकेले उत्तर प्रदेश 50000 और उत्तराखंड से 25000 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता और सजग नागरिक दिल्ली पहुंचेंगे।
उन्होंने देश और राज्यों के सभी नागरिकों से अपील की कि वे तुरंत चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपने EPIC नंबर के जरिए मतदाता सूची में अपने नाम की सत्यता जांचें। लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस धांधली के खिलाफ कांग्रेस पार्टी बूथ स्तर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी और जमीनी लड़ाई लड़ेगी।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महामंत्री राजेंद्र भंडारी,महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, परवादून जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, प्रशांत खंडूरी आदि उपस्थित रहे।

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