उत्तराखंडयूथसामाजिक

उत्तराखंडियों को घुसपैठिया बताने वाले अखिलेश को कांग्रेस का है समर्थन : चमोली

भाजपा ने कहा देवभूमि के अपमान का असली दौषी कौन है जो उत्तराखंड में मौन है

देहरादून। भाजपा ने अखिलेश द्वारा उत्तराखंडियों को घुसपैठिया बताने की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने प्रदेश कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि लगातार ऐसे अपमान का दोषी कौन है जो उत्तराखंड में मौन है। इस पूरे दुखद घटनाक्रम से एक बात पुनः साफ हो गई है कि अखिलेश में मुलायम सिंह का उत्तराखंड विरोधी अंश जिंदा है और राहुल एवं कांग्रेस नेताओं का उन्हें संरक्षण प्राप्त है।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में उत्तराखंडियों को ‘घुसपैठिया’ कहा है, अपने आप में बहुत गंभीर विषय है। यह मानसिक विकृति का प्रतीक है और उत्तराखंडियों के प्रति उनकी सोच का इससे पता चलता है। क्योंकि इस देश का निवासी कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में रह सकता है। ऐसे में उत्तराखंडियों को ‘घुसपैठिया’ कहना, कहीं न कहीं मुलायम सिंह की घृणित सोच का प्रतीक है। क्योंकि जब उत्तराखंड राज्य की हम लोग मांग कर रहे थे, तो जिस प्रकार का व्यवहार हम उत्तराखंडियों के साथ हुआ, हमको 42 शहादत देनी पड़ी, जेलों में रहना पड़ा, प्रताड़नाएँ झेलनी पड़ीं, तमाम कष्ट हम लोगों ने उठाए और मुजफ्फरनगर कांड जैसा उस समय हमारे साथ नरसंहार जैसा व्यवहार हुआ। हमें लगता था कि शायद राज्य बनने के बाद और बहुत लंबे संघर्ष के बाद, 23-24 साल आज हो गए हैं, शायद कुछ मानसिकता बदली होगी और सपा की मानसिकता कुछ ठीक हुई होगी। लेकिन आज जिस तरह से अखिलेश यादव ने यह विषय लिया है और उत्तराखंड में घुसपैठिया कहा है। तो स्पष्ट कहा जा सकता है कि वास्तव में मुलायम सिंह का अंश आज अखिलेश यादव में हर उत्तराखंडी को दिखाई पड़ रहा होगा।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि क्योंकि जिस समय उत्तराखंड मूवमेंट चल रहा था, हम एक नारा देते थे कि असली दोषी कौन है जो दिल्ली में मौन है। क्योंकि उस समय भी मुलायम सिंह का अत्याचार जारी था, मुलायम सिंह हमारे लोगों की हत्याएँ कर रहा था, जेल में ठूँस रहा था, लाठी चार्ज कर रहा था, प्रताड़ना कर रहा था। पूरा उत्तराखंड अस्त-व्यस्त हो गया था, ऐसा लग रहा था जैसे ठहर गया है, हमारे पूरे जीवन के साथ खिलवाड़ हुआ। उस समय उस मुलायम सिंह की सरकार को बचाने का काम अगर किसी ने किया था, तो कांग्रेस की केंद्र सरकार ने किया था, नरसिंह राव उस समय वहाँ पर प्रधानमंत्री होते थे। और इसीलिए नारा प्रचलित हुआ कि असली दोषी कौन है जो दिल्ली में मौन है।
​उन्होंने आज के घटनाक्रम को भी उसी से जोड़ते हुए कहा कि जब 2 अक्टूबर को हमारे साथ मुजफ्फरनगर में जो जघन्य कांड हुआ था, उस समय हम कोई उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन करने नहीं जा रहे थे, हम दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे थे, दिल्ली सरकार के सामने अपनी बात रखने जा रहे थे, तो दिल्ली सरकार के इशारे पर मुलायम सिंह द्वारा वहाँ पर गोलियाँ चलाई गईं, हमारे साथ व्यभिचार किया गया और हमको प्रताड़ित किया गया।
​तो सीधे-सीधे उस आंदोलन में जो कुछ भी उत्तराखंडियों के साथ हुआ, उसमें मात्र सपा दोषी नहीं है, बल्कि कांग्रेस भी बराबर की भागीदार थी, बराबर की दोषी थी।
वहीं आरोप लगाया कि आज फिर स्थिति वही बनी है। एक तरफ राहुल गांधी हैं, जो स्वर्गीय विपिन रावत को ‘गली का गुंडा’ बोलते हैं। जो एनएसए डोभाल के ऊपर में अभद्र टिप्पणियाँ करते हैं, उनका अपमान करते हैं। और दूसरी तरफ अखिलेश हैं, जो उत्तर प्रदेश में उत्तराखंडियों को ‘घुसपैठिया’ कहते हैं।
​हमारे यहाँ ‘घुसपैठ’ शब्द जो हमने प्रयोग किया है, वो हमने बांग्लादेशी रोहिंग्याओं को किया है। इस देश के नागरिक के लिए कभी कोई घुसपैठ शब्द का प्रयोग नहीं हुआ है। तो क्या अखिलेश यादव क्या उत्तराखंड के लोगों को इस देश का नागरिक नहीं मानते क्या?
साथ ही पूछा कि क्या राहुल गांधी सपा की सरकार के साथ मिलकर ‘इंडिया’ गठबंधन चला रहे हैं और अखिलेश उनके यूपी में मुख्य कर्ता-धर्ता है तो क्या राहुल गांधी को इस पर जवाब नहीं देना चाहिए? आख़िर क्या उत्तराखंड का राष्ट्रभक्त मानस, जो इस देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने के लिए हमेशा तत्पर रहता है, जिसने तमाम कीर्तिमान स्थापित किए हैं इस देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देकर। क्या वो घुसपैठिए हो सकते हैं?
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि क्या आज प्रदेश की कांग्रेस क्या इसमें सामने आकर बात करेगी? वहीं कहा कि में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता, उनके प्रदेश अध्यक्ष, हरीश रावत, हरक सिंह रावत से भी बात करना चाहता हूँ। मैं प्रीतम सिंह से भी बात करना चाहता हूँ। करन माहरा से मैं बात इसलिए नहीं कर रहा हूँ कि करन माहरा ने हमारे गढ़वाल के लोगों के ऊपर थूकने की बात की थी, वो इस लायक नहीं है। लेकिन बाक़ी के लोगों से मैं पूछना चाहता हूँ क्या वो अपने आपको ‘घुसपैठिया’ मानते हैं क्या? क्या वो सपा का विरोध नहीं करेंगे क्या? क्या सपा की इस मानसिकता का विरोध नहीं होना चाहिए क्या? ये सवाल है आज कांग्रेस के लिए। और निश्चित तौर पर हमारे लिए जिस तरह से आज सपा दोषी है, पहले भी सपा दोषी थी, कांग्रेस भी उतनी ही दोषी आज की तारीख में है।
उन्होंने कहा कि ये उत्तराखंड है, हमने पर्वतीय राज्य बनाया, तो पहला मुख्यमंत्री हमने नित्यानंद स्वामी को बनाया था। हम वो राज्य हैं, हम हमेशा राष्ट्रभक्तों की क़द्र करते हैं, हम हमेशा लोकतंत्र की क़द्र करते हैं। लेकिन देखने में आया है कि कांग्रेस हो, चाहे सपा हो, या ये पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन हो, इन्होंने उत्तराखंड को हमेशा दोयम दर्जे का नागरिक माना है। कहीं न कहीं हमारी अवमानना की है, हमारा अपमान किया है।
​उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे घटनाक्रम की घोर भर्त्सना करता हूँ और कांग्रेस जो उनको सहयोग कर रही है, उसकी भी कड़ी निंदा करती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button