
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के गोसीकुआ भुड़ाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्रियों से बातचीत की और सरकार की योजनाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार किट और 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की। इसके साथ ही 5 बच्चों का अन्नप्राशन कराया और 9 आंगनबाड़ी व 2 आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ का उद्देश्य सेवा, स्नेह और संवाद को हर घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ बच्चों को पोषण देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां बच्चों के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और विकास की नींव तैयार होती है।
उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य व पोषण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं और बच्चों को सहायता दी जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए बर्थ वेटिंग होम और जरूरत पड़ने पर हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
धामी ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे और हर बच्चे को स्वस्थ और सुरक्षित माहौल मिले।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाली और समृद्धि के प्रतीक के रूप में पौधरोपण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को भी प्रेरणादायी बताया।



